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पखांजूर से नितीश मल्लिक की रिपोर्ट - पखांजूर मुख्यालय से सटा हुआ गावं श्यामनगर पीव्ही 14 के माध्यमिक एवं प्राथमिक शासकीय शाला में स्कूली छात्र को पीने के पानी के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ती हैं मध्यान भोजन के बाद छात्र-छात्राए स्कुल कैम्पस से काफी दूर जाकर पानी पीते हैं ज्ञात हो की राज्य सरकार गावं-ग्रामीण अंचल के स्कूली छात्र के लिए कई सारे तमाम योजनाये शुरू किये हैं मगर आलम यह हैं की आज भी मुख्यालय से मात्र 5 किमी दूर स्कूली बच्चो को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं स्कुल के प्रधान पाठक दिलीप डे ने बतलाया हमारे स्कुल का नल पिछले दो वर्षो से ख़राब हैं इससे पानी तो निकलता हैं पर पीने योग्य नहीं हैं पूरा लाल पानी निकलता हैं मैंने कई बार पी.एच.ई.विभाग को लिखित शिकायत कर अवगत करवाया मगर कोई पहल नहीं किया गया !  जबकि बच्चो को पीने के पानी के लिए गावं के अंदर काफी दूर नल में जाना पड़ता हैं जो जोखिम से कम नहीं पंचायत के सरपंच/सचिव को कई बार बोला गया मगर बच्चो के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया ! ग्रामीण नितीश मल्लिक ने बतलाया स्थानीय नेता एवं गावं के सरपंच सचिव को इस ओर ध्यान देने की बहुत आवश्कता हैं पीव्ही 14 के स्कुल में एक नल एवं कैंम्पस से लगा हुआ एक नल हैं दोनों की कंडम स्थिथि में पड़े हैं अब ग्रामीण नल में अपने गाय-बैल को बंदने का काम कर रहे हैं ! स्कूली छत्र ने बतलाया हमें पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं यह तक की शौचालय भी नहीं हैं पढ़ाई छोड़कर घर जा कर शौच करना पडता हैं जिससे हमारी पढ़ाई प्रभावित होती हैं !


स्वच्छता अभियान नाम मात्र - श्यामनगर के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में कुल 61 बच्चे अध्यनरत हैं पीने के पानी के सात-सात शौचालय का कोई व्यवस्था नहीं हैं और ना ही साफ़ साफाई का कोई ध्यान हैं लगभग 10 वर्षो से यह शौचालय कंडम स्तिथि में पड़े हैं कई सरपंच आये और गए अपने कार्य को आधा-अधुरा ही छोड़ कर चले गए जिसका खामियाजा स्कूली बच्चो सहित शिक्षको को उठानी पड़ रही हैं सबसे चौकनी वाली बात यह हैं पिव्ही 14 श्यामनगर के स्कूल कैंम्पस में प्राथमिक ,माध्यमिक,एवं एक आंगनबाड़ी भी संचालिक हैं 2 स्कुल 1 आंगनबाड़ी संचालित होने के बाद भी यह के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया और यह पीने के पानी तो दूर शौच के पानी का कोई व्यवस्था नहीं हैं इसी से अंदाजा लगाया जा सकता हैं की शासन-प्रशासन इन मासूम बच्चो के भविष्य के प्रति कितना सजग हैं !  

इस संम्बंध में प्रधान पाठक दिलीप डे ने बतलाया कई बार नल के लिए P.H.E. एवं सरपंच को बोला गया मगर अभी तक पानी का कोई व्यवस्था नहीं हुआ     

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