विकास का वास्तविक हाल बया करता,संसद आदर्श ग्राम शांति पारा से न्यू कालोनी पहुच मार्ग।।
पखांजूर से बिप्लव कुंडू की रिपोर्ट- विकास की वास्तविक आंकलन करना है तो ग्रामीण अंचलो में जाने से ही विकास की जमीनी हकीकत से रूबरू हो जाएंगे।संसद विक्रम सिंह उसेन्डी द्वारा विकास की नई परिकल्पना के साथ ग्राम पंचायत छोटे कापसी को गोद लिया गया,जहा पंचायत प्रतिनिधि के द्वारा विकास की झूठी आकड़े पेश कर,शासन से वाहवाही बटोरा जा रहा।छोटे कापसी ग्राम पंचायत को आदर्श रूप में परिणित करने का जो सपना सँजोया गया,जो विकास की राह में कोशो दूर है।
इन्ही पंचायतो में व्यापक पैमाने पर जिस प्रकार का अनियमिता हो रहे है,तो जरा सोचिए अंदुरुनी क्षेत्रो के पंचायतो में विकास किस हद तक हुआ होगा,क्योंकि विकास तो फाइलों में सिमट कर रह गया।विदित हो छोटे कापसी ग्राम पंचायत आदर्श ग्राम के साथ ही रुर्वन क्लस्टर पंचायत का दर्जा हासिल किया है,जिसके तहत स्थानीय लोगो को डिजिटल शहरों की भांति ही सर्व सुविधा उपलब्ध कराना है।लेकिन पंचायत के उदाशीन रवैये के कारण,आम लोग योजनाओ से वंचित रह गए।शिव शक्ति युवा सामाजिक संगठन के अध्याक्ष किशोर हालदार ने पत्रकारों को बताया कि शासन ने उक्त पंचायत को डिजिटल पंचायत घोषित कर,फ्री वाई-फाई सेवा का वादा तो किया पर आज तक लोगो को इसका कोई लाभ ना दिया।उन्होंने कहा लोगो को झांसा देने के लिए सरपंच द्वारा बाजार में दो सौ मीटर के दायरे में फ्री वाई-फाई ज़ोन लिखा बोर्ड ही लगाकर छोड़ दिया,डिजिटल पंचायत भी झांसा ही साबित हुआ।कापसी बाजार के मुख्य चौक सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे पानी से भरा हुआ,जो हादसों को आमंत्रित कर रहे है।स्थानीय व्यपारियो तथा लोगो नवीन, सपन, अमित,सिल्तु शाह आदि लोगो ने बताया कि कापसी बाजार के काली मंदिर के सामने जरा सी बारिश होने पर मुख्य मार्ग तालाब में बदल जाते है,जिससे राहगिरियो के साथ स्थानीय लोगो को भारी मुसीबतों का सामना करना होता है।【सड़को का हाल बेहाल,स्कूली छात्रों के लिए जी का जंजाल बना,न्यू कालोनी पहुच मार्ग】
आदर्श ग्राम पंचायत शांति पारा से न्यू कालोनी खेत पहुच मार्ग,जो बरसात के मौसम में लोगो के लिए परेशानी सबाब बन जाता है,समाज सेवक किशोर हालदार ने बताया कि,इसी मार्ग से न्यू कालोनी तथा पित्तेभोडिया गांव के दर्जनों स्कूली छात्र-छात्राए छोटे कापसी स्कुल आते है,बरसात के दिनों में उक्त सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे,कीचड़,फिसलन और दलदल हो जाने से,बच्चों को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है।कई बार छात्रों को फिसलकर कीचड़ में लथपथ होते देखा गया,जिस कर बच्चों को अनेक दूर घूमकर स्कुल आना होता है,जिस कारण वर्तमान में बच्चे स्कूलों में कम आने लगे है।पंचायत प्रतिनिधि को हम ग्रामीणों ने लिखित तौर पर मौसम आने से पहले सड़को का मरम्मत के लिए आवेदन कर चुके है परंतु आज तक कोई ठोस पहल नही किया गया।आम ग्रामीणों के साथ ही स्कूली छात्राए भी खासे परेशान है,क्योंकि इस मार्ग से बच्चों को जल्द स्कुल पहुचने के लिए सहूलियत होती है।
संसद आदर्श ग्राम का जो परिकल्पना गांववालों ने देखा था वो सारे कोरी कल्पना बनकर रह गया।
【किशोर हालदार अध्याक्ष】
शिव शक्ति सामाजिक संगठन
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