Skip to main content
पखांजूर से नितीश मल्लिक-अब ग्रामीणों के हौसले टूटने लगा हैं कुछ लोगो का कहना हैं की आगामी विधानसभा चुनाव का हम वहिस्कर करेंगे ! हम बात कर रहे हैं पखांजूर मुख्यालय से मात्र 1 किमी दूर सोह्गावं से पीव्ही 14 श्याम नगर जाने बाले सड़क की जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पिछले 10 वर्ष पूर्व बनाया गया था जिसके बाद से कभी सड़क की मरमत नहीं हुई जिसे लेकर आस-पास के हजारो ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया लोक सूरज,ग्राम सूरज यह तक की जिले में जिला कलेक्टर से समक्ष जनदर्शन में भी लिखित शिकायत किया गया की हमारे यह सड़क को जल्द मरम्मत किया जाये या नविन टेंडर निकल कर कार्य प्रारंम्भ किया जाये मगर आज 10 वर्ष बीत चुके हैं न ही नेता जनप्रतिनिधिओ ने ध्यान दिया और नहीं जिला प्रशासन में ध्यान दिया जिसका खामियाजा यह के भेले-भाले ग्रामीणों एवं स्कूली छात्र को  उठानी पढ़ रही हैं आज आलम यह हैं की पखांजूर मुख्यालय से संम्पर्क टूटने येग्या बन गया हैं अगर स्कूली छात्र को पखांजूर जाना होगा तो वे 10 किमी घूम कर जाना पढ़ेगा ! ग्रामीण नितीश मल्लिक अमृतो ने बतलाया चुनाव नजदीक आ रहा हैं अब नेता वोट के लिए हमारे घर पहुचेंगे पर इतने दिनों तक हमारे घर के दरवाजे पे कोई नहीं पंहुचा जबकि इस सड़क के लिए हम ग्रामीणों ने कई बार लिखित शिकायत यह तक की राज्य सरकार को हमारी समस्य से अवगत करवाने के लिए प्रिंट मिडिया इलेक्ट्रानिक मिडिया में समाचार खबर को प्रकाशित करवाया मगर आज 10 साल तक किसी के कानो तक हमारी आवाज नहीं पहुची !  

Comments

Popular posts from this blog

पखांजूर   -- परलकोट के सबसे पुराने और ऐतिहासिक सीतराम मेला में शामिल हुए कमांडेंट मोहिन्दर लाल।प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 24 मार्च को आंरभ हुआ।क्षेत्रवाशियो में खुशी की लहर। ग्रामीणों द्वारा बीएसएफ को आमंत्रित किया गया आमंत्रण को शिकार  करते हुए श्री मोहिन्दर  लाल कमांडेंट 121वी वाहिनी सुरक्षा बल अपनी जवानों के साथ बांदे से लगभग 30 किलोमीटर दूर कोटरी नदी को पार करते हुए  बिना किसी डर व खौप के परलकोट मेला में पहुंचे सीमा सुरक्षा बल को देख कर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट महिंद्र मोहिन्दर लाल ने पलकोट मंदिर में नारियल चढ़ाकर पूजा अर्चना की साथ ही 11000 रु का दान भी किया।साथ ही मंदिर में उपयोग सामान, चटाई,सोलर लाइट, तथा ग्रामीणों जरूरत के हिसाब से  ग्रामीण को समान भी वितरण किया । परलकोट मेला का इतिहास या परलकोट विद्रोह 1825 1774 के हलबा विद्रोह को मिलकर समाप्त करने के बाद मराठी दीवानों और अंग्रेजों ने बस्तर के भूमि पर अपने अधिकार के झंडे पूर्णतः गाड़ दिए। और इस विजय का जश्न, वो वहाँ के भोले भाले आदिवासियों पर ज़ुल्म, ...
विकास का वास्तविक हाल बया करता,संसद आदर्श ग्राम शांति पारा से न्यू कालोनी पहुच मार्ग।। पखांजूर से बिप्लव कुंडू की रिपोर्ट-  विकास की वास्तविक आंकलन करना है तो ग्रामीण अंचलो में जाने से ही विकास की जमीनी हकीकत से रूबरू हो जाएंगे।संसद विक्रम सिंह उसेन्डी द्वारा विकास की नई परिकल्पना के साथ ग्राम पंचायत छोटे कापसी को गोद लिया गया,जहा पंचायत प्रतिनिधि के द्वारा विकास की झूठी आकड़े पेश कर,शासन से वाहवाही बटोरा जा रहा।छोटे कापसी ग्राम पंचायत को आदर्श रूप में परिणित करने का जो सपना सँजोया गया,जो विकास की राह में कोशो दूर है।  इन्ही पंचायतो में व्यापक पैमाने पर जिस प्रकार का अनियमिता हो रहे है,तो जरा सोचिए अंदुरुनी क्षेत्रो के पंचायतो में विकास किस हद तक हुआ होगा,क्योंकि विकास तो फाइलों में सिमट कर रह गया।विदित हो छोटे कापसी ग्राम पंचायत आदर्श ग्राम के साथ ही रुर्वन क्लस्टर पंचायत का दर्जा हासिल किया है,जिसके तहत स्थानीय लोगो को डिजिटल शहरों की भांति ही सर्व सुविधा उपलब्ध कराना है।लेकिन पंचायत के उदाशीन रवैये के कारण,आम लोग योजनाओ से वंचित रह गए।शिव शक्ति युवा सामाजिक संगठन के अ...
बांदे -  भोजन पानी की तलास में भटकते हुए गाँव पहुंचे हिरण को आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया है | ज्ञात हो की पी.व्ही.18 मायापुर गांव के पास आवारा कुत्तों ने जंगल से भटकते हुए गाँव पर पहुंचे एक गर्भवती हिरण पर हमला कर दिया। जिससे हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया  और ग्रामीणों ने किसी तरह हिरण को आवारा कुत्तों से छुड़ाया, लेकिन तब तक हिरण गंभीर रूप से घायल हो चुका था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी | वहीँ वन विभाग ने ग्रामीणों की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँच घायल हिरण को पखांजूर अस्पताल लाया गया । जहाँ पर घायल हिरण का इलाज के दौराण मृत्यु हो गई स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग पे आरोप लगाते हुए कहा सुबह लगभग 8 बजे गर्भवती हिरण को आवारा कुत्ते के कटते ही सुचना दी गई मगर विभागीय अधिकारी-कर्मचारी 11 बजे पहुचे घायल हिरण इतनी देर तडपता रहा अगर समय पे हिरण की ईलाज की जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी बांदे से रविन मंडल की रिपोर्ट